पोस्ट्स

स्वामी विवेकानंद जी युवा युग प्रवर्तक

 भारत एक ऐसा देश है जहां धर्म को लेकर कोई सवाल उठाने से पहले सौ बार सोचता है। 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में जन्मे स्वामी विवेकानंद ने धर्म को विज्ञान के नज़र से देखने का नया नज़रिया...

हरले भीमराय माझे हरले शिवराय

अर्रे ज्यांनी अखिल महाराष्ट्राचे भूषण बनून जगाला झुकवले, त्यांचेच अनुयायी आज एकमेकांना भिडले, कोण ते माथेफिरू ज्यांनी जातीने आम्हाला तोडले, अर्रे आठवा रे महार मराठे ...

SRG रचित कविता वो मेरे भीम थे !

इमेज
अंग्रेजों के शासनकाल में इस देश मे जो शतकों से गुलामों के भी गुलाम थे ऐसे समाज को गुलामी से आजाद करने वाले हमारे भीम थे! जब मनुवाद,जातियवाद, स्त्री असमानता,गुलामी की आग में  जलकर फसा पड़ा था देश मेरा .. उस वक्त कोयलों को इंसान बनाने वाले मेरे भीम थे ! दबाई जा रही थी इस देश मे ना जाने कितने सैकड़ों माँ बहन बेटिओं की आवाजें हिन्दू कोड बिल ला कर बुलंद उनकी आवाज कर दिखाने वाले मेरे भीम थे... जकडे हुये किसान थे सरकार सवकारों की जुल्म सितम की बेड़ियों में जब.. बेड़ियों को तोड़ कर उम्मीदों का पर लगाने वाले मेरे भीम थे! शिक्षा व पानी पीने का हक ना था सवर्णो द्वारा धिक्कारे हुए कौमों को उनके हक्क के खातिर सत्याग्रह कर समानता हक दिलाने वाले मेरे भीम जी थे.. युवा व मजदूर पिछड़े वर्गों उन्होंने नई रोशनी दिखाई है. सीखो- संगठित बनो -संघर्ष करो की राह दिखाई है.. 33 करोड़ देव सदियों से जो कभी ना कर सके.. हमारे बाबासाहेब ने वो क्रांति बदलाव की मशाल चंद सालों  में जलाई है! शाम कहता है और मैं लिखू भी कैसे उस महान मानव के इतने किस्से है कहु भी कैसे..बिना बोले मैं चुप रहु भी कैसे.. ...

यहाँ पर 10 रूपये के स्टैंप पेपर पर मुहर लगाकर बेच दी जाती है लडकियाँ !

इमेज
हमारे देश में महिलाओं की हालत किसी से छिपी नहीं है, एक तरफ तो हम एक कन्या को पूजते है तो दूसरी तरफ उसी कन्या की भ्रूण हत्या कर देते है. आज भले ही भारत की लड़कियां दुनियाभर में अपना परचम लहरा रही है, लेकिन उसी भारत का एक दूसरा पहलु भी है जिसमे कन्या भ्रूण हत्या, रेप, छेड़छाड़, दहेज़ और ना जाने कितने ही अपराध है जो लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ होते है. अभी हाल ही में देश की बेटी मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया है और लोगों को ये सन्देश दिया है कि मौका मिले तो हमारी बेटियां कुछ भी करके दिखा सकती है. शहरों और महानगरों में आपको वीमेन राइट्स की बात करने वाले कई लोग मिल जायेंगे लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब भी बुरे हाल है. आज हम आपको एक ऐसी प्रथा के बारे में बताने जा रहे है जो हमारे समाज पर किसी कलंक से कम नहीं है. ये प्रथा मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से जुड़ी है. इस प्रथा को धड़ीचा प्रथा के नाम से जाना जाता है. इस धड़ीचा प्रथा में लड़कियों और औरतों को ख़रीदा और बेचा जाता है. जिसमे खरीदी हुई लड़कियों के साथ ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक शो...

फेरीवाल्यांचे वाढत्या साम्राज्याला जवाबदार कोण?

मनसे नी झोपलेल्या प्रशासनाला जागविण्याचा कार्य केला असला तरी ही फेरीवल्याना हटवण्याची जबादारी ही कोणत्याही राजकीय पक्ष संघटण्याचे नसून ही जबाबदारी पालिकेची आहेच त...

देश के हवा मे ज़हर

इमेज
देश के हवा_में_जहर अंतरराष्ट्रीय द लैंसेट कमीशन मैग्जीन एवं संस्था ने अपने एक अन्तराष्ट्रीय सर्वे के मुताबिक अ पने रिपोर्ट में प्रसिद्ध किया है ! केवल मात्र प्रदूषण की वजह से पूरे विश्व मे 65 लाख से ज्यादा मौते होती है जिसमे #भारत_मे_प्रतिवर्ष_25_लाख लोगों की मौत केवल वायु प्रदूषण से होती है! सबसे ज्यादा मौत भारत मे यानी कि हर 5 मिनट में देश का 1 नागरिक मौत का शिकार हो रहा है! मैं बताना चाहूंगा की पूरे विश्व मे 20 सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले शहरोँ में से 13 शहर जो सिर्फ भारत मे है! केंद्र और राज्यशासन के प्रचार व प्रसार माध्यम द्वारा कितना भी पर्यावरण को लेकर सजग होने की तैयारी दिखाई जाए ! या हम जैसों युवावों द्वारा सोशल मीडिया पर प्रदूषण के विरोध में पर्यावरण संगोपन या समर्पण को कितना भी बढ़ावा दिया या दिखाया जाए समस्या जैसे कि तैसी है! समय रहते अगर इस विषय पर काबू नही पाया गया तो पूरे देश को गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है! (ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाये और प्रदूषण नियंत्रण पर जोर दे) शाम_गौड़ ...

रुग्णालयाला कडोमपा चा आधार नागरिक लाचार

क.डो.म.पा. प्रशासित डोंबिवली येथील शास्त्रीनगर रुग्णालयाच्या निष्काळजीपणा व कामचुकार कारभारा ने  डोंबिवलीतील पर्यावरण प्रेमी प्राणी संरक्षक भरत केणे ह्यांची बळी घे...