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2017 पासूनच्या पोेस्ट दाखवत आहे

SRG रचित कविता वो मेरे भीम थे !

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अंग्रेजों के शासनकाल में इस देश मे जो शतकों से गुलामों के भी गुलाम थे ऐसे समाज को गुलामी से आजाद करने वाले हमारे भीम थे! जब मनुवाद,जातियवाद, स्त्री असमानता,गुलामी की आग में  जलकर फसा पड़ा था देश मेरा .. उस वक्त कोयलों को इंसान बनाने वाले मेरे भीम थे ! दबाई जा रही थी इस देश मे ना जाने कितने सैकड़ों माँ बहन बेटिओं की आवाजें हिन्दू कोड बिल ला कर बुलंद उनकी आवाज कर दिखाने वाले मेरे भीम थे... जकडे हुये किसान थे सरकार सवकारों की जुल्म सितम की बेड़ियों में जब.. बेड़ियों को तोड़ कर उम्मीदों का पर लगाने वाले मेरे भीम थे! शिक्षा व पानी पीने का हक ना था सवर्णो द्वारा धिक्कारे हुए कौमों को उनके हक्क के खातिर सत्याग्रह कर समानता हक दिलाने वाले मेरे भीम जी थे.. युवा व मजदूर पिछड़े वर्गों उन्होंने नई रोशनी दिखाई है. सीखो- संगठित बनो -संघर्ष करो की राह दिखाई है.. 33 करोड़ देव सदियों से जो कभी ना कर सके.. हमारे बाबासाहेब ने वो क्रांति बदलाव की मशाल चंद सालों  में जलाई है! शाम कहता है और मैं लिखू भी कैसे उस महान मानव के इतने किस्से है कहु भी कैसे..बिना बोले मैं चुप रहु भी कैसे.. ...

यहाँ पर 10 रूपये के स्टैंप पेपर पर मुहर लगाकर बेच दी जाती है लडकियाँ !

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हमारे देश में महिलाओं की हालत किसी से छिपी नहीं है, एक तरफ तो हम एक कन्या को पूजते है तो दूसरी तरफ उसी कन्या की भ्रूण हत्या कर देते है. आज भले ही भारत की लड़कियां दुनियाभर में अपना परचम लहरा रही है, लेकिन उसी भारत का एक दूसरा पहलु भी है जिसमे कन्या भ्रूण हत्या, रेप, छेड़छाड़, दहेज़ और ना जाने कितने ही अपराध है जो लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ होते है. अभी हाल ही में देश की बेटी मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया है और लोगों को ये सन्देश दिया है कि मौका मिले तो हमारी बेटियां कुछ भी करके दिखा सकती है. शहरों और महानगरों में आपको वीमेन राइट्स की बात करने वाले कई लोग मिल जायेंगे लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब भी बुरे हाल है. आज हम आपको एक ऐसी प्रथा के बारे में बताने जा रहे है जो हमारे समाज पर किसी कलंक से कम नहीं है. ये प्रथा मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से जुड़ी है. इस प्रथा को धड़ीचा प्रथा के नाम से जाना जाता है. इस धड़ीचा प्रथा में लड़कियों और औरतों को ख़रीदा और बेचा जाता है. जिसमे खरीदी हुई लड़कियों के साथ ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक शो...

फेरीवाल्यांचे वाढत्या साम्राज्याला जवाबदार कोण?

मनसे नी झोपलेल्या प्रशासनाला जागविण्याचा कार्य केला असला तरी ही फेरीवल्याना हटवण्याची जबादारी ही कोणत्याही राजकीय पक्ष संघटण्याचे नसून ही जबाबदारी पालिकेची आहेच त...

देश के हवा मे ज़हर

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देश के हवा_में_जहर अंतरराष्ट्रीय द लैंसेट कमीशन मैग्जीन एवं संस्था ने अपने एक अन्तराष्ट्रीय सर्वे के मुताबिक अ पने रिपोर्ट में प्रसिद्ध किया है ! केवल मात्र प्रदूषण की वजह से पूरे विश्व मे 65 लाख से ज्यादा मौते होती है जिसमे #भारत_मे_प्रतिवर्ष_25_लाख लोगों की मौत केवल वायु प्रदूषण से होती है! सबसे ज्यादा मौत भारत मे यानी कि हर 5 मिनट में देश का 1 नागरिक मौत का शिकार हो रहा है! मैं बताना चाहूंगा की पूरे विश्व मे 20 सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले शहरोँ में से 13 शहर जो सिर्फ भारत मे है! केंद्र और राज्यशासन के प्रचार व प्रसार माध्यम द्वारा कितना भी पर्यावरण को लेकर सजग होने की तैयारी दिखाई जाए ! या हम जैसों युवावों द्वारा सोशल मीडिया पर प्रदूषण के विरोध में पर्यावरण संगोपन या समर्पण को कितना भी बढ़ावा दिया या दिखाया जाए समस्या जैसे कि तैसी है! समय रहते अगर इस विषय पर काबू नही पाया गया तो पूरे देश को गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है! (ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाये और प्रदूषण नियंत्रण पर जोर दे) शाम_गौड़ ...

रुग्णालयाला कडोमपा चा आधार नागरिक लाचार

क.डो.म.पा. प्रशासित डोंबिवली येथील शास्त्रीनगर रुग्णालयाच्या निष्काळजीपणा व कामचुकार कारभारा ने  डोंबिवलीतील पर्यावरण प्रेमी प्राणी संरक्षक भरत केणे ह्यांची बळी घे...

गौरी लंकेश ला कुणी मारलं?

गौरी लंकेशंना कुणी मारलं? गौरी लंकेशंना गोळी लागली गौरी लंकेशंना कुणी मारलं? ज्यांनी पानसरेंना मारलं पानसरेंना कुणी मारलं ज्यांनी नरेंद्र दाभोलकरांना मारलं। नरेंद...

आभार ..

शतशः आभार माझ्या वाढदिवसानिमित्त प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष व्हाट्सअप फेसबुक, वर काल पासून उफळात असलेला समुन्द्रां सारखं आपले प्रेम रुपी शुभेच्छा सदिच्छा आशीर्वादा च्य...

सत्यकथान ....

माजी उप मुख्यमंत्री छगन भुजबळ हे आपल्या आमदारकीच्या मताची किंमत ओळखून राष्ट्रपती पदाच्या निवडणुकीत मतदान करण्यासाठी विधान भवनात आल्याचे टीव्हीवर पाहिले. पांढरीशुभ्र दाढी वाढलेली. अतिशय थकलेले. डोक्यावर कानटोपी घातलेली. एकेक पाऊल सांभाळत चाललेले. विधान भवनातील पायऱ्या चढतानाही धाप लागत होती. कोणी विचारले, ' कसे आहात ?' तर फक्त ' ठीक आहे ' इतकेच बोलले. त्यांनी जवळपास 8 हजार कोटींची माया जमवली. साखर कारखाना विकत घेतला. परदेशात खाण आहे. मुलाला आमदार बनवले. पुतण्याला खासदार बनवले. घरात असलेले पोस्टर काही कोटींचे आहेत. नाशिक मध्ये मोठमोठे महाल आणि भुजबळ नॉलेज सिटी आहे. बंगले कोट्यवधींचे आहेत. इतकी वर्षे वैभवात राहीलेला आणि बाळासाहेब ठाकरेना आव्हान देणारा हा निधड्या छातीचा वाग गलितगात्र /  हवालदिल झालेला पाहून मन खिन्न झाले. सामान्य कैद्यांसारखे जीवन जगतो आहे. गाद्यागिरद्यांवर झोपणारा जमिनीवर झोपतो आहे. तुरुंगातून बाहेर येण्याची धडपड करतो आहे. पण आपल्या वैभवाचे सुख घेऊ शकत नाही. थोडासा आराम करावा म्हणून दवाखान्यात ऍडमिट झाले तर त्यांच्यावर आरोप होता...

63 मासूम बच्चों के हत्यारों का जाहिर निषेध

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वाह रे देश और देश की व्यवस्था, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। सी.एम. योगी आदित्यनाथजी के शहर गोरखपुुर के मेडिकल कालेज में आक्सीजन खत्म होनें से 5 दिन में 63 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई। यह सामान्य हादसा नहीं बल्कि भयंकर जेनोसाईड है। न्यूज के मुताबिक गैस सप्लाई करने वाली फर्म पुष्पा आक्सीजन को पिछले काफी समय से भुगतान नहीं किया गया। लगभग 68 लाख रू बकाया था जिसके लिये बार बार रिमाइंड किया गया तथा अंत में 1 तारीख को गैस सप्लाई कंपनी ने लिख कर दिया था कि पैसा नहीं दिया गया तो गैस सप्लाई बंद कर दी जायेगी और वो बंद हो गई नतीजा 63 मासूम बेमौत मारे गये। कौन जिम्मेदार है इसके लिये? क्या गैस सप्लाई कं. नहीं, डाक्टर स्टाफ नर्सें नहीं, प्रशासन- हां। गैस कंपनी को समय पर भुगतान क्यों नहीं किया गया, क्या कमीशनबाजी का चक्कर था? हो सकता है, पर इन मासूमों का क्या कसूर था इनकी मौत के जिम्मेदार केवल और केवल कालेज का भृष्ट प्रशासन है। जबकि विडंबना देखिये गैस सप्लाई कं के यहां छापे मारे जा रहे हैं और इन भष्ट अफसरों से कोई पूछ ही नहीं रहा। बिना भुगतान के कोई कबतक अपनी जेब से सप्लाई करता रहेगा, पर किसी को त...

एका मिनिटात दाढ उचकता येते?

चार दिवस अगोदर 'दाढ दुखत्येय' म्हणून ठणाणा करत डेन्टिस्टकडे गेलो, तर दाढेला इंफाकॅशन झाल्यानं त्यांनी ती दाढ काढायला लागेल हे शुभवर्तमान दिलंन! अक्कलदाढ असल्यामुळे त्य...

पोलिसांची लाठी देशशत्रूंच्या रक्षणासाठी..?

🇮🇳 * पोलिसांची लाठी देशशत्रूंच्या रक्षणासाठी??? होय आज हाच प्रश्न आम्हाला महाराष्ट्राच्या गृहखात्याला विचारावासा वाटतोय.. शाहरुखखानचे आतंकवाद प्रेम अगदी अमेरिकेने त...